महालक्ष्मी यंत्र

Maha Laxmi Yantra
महालक्ष्मी यंत्र

माता लक्ष्मी को इस संसार में भौतिक सुखों को प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। माता लक्ष्मी की पूजा और उन्हें प्रसन्न करने के लिए ही महालक्ष्मी यंत्र (Shree Mahalaxmi Yantra) की पूजा और स्थापना की जाती।

महालक्ष्मी यंत्र का उपयोग (How to Use Mahalaxmi Yantra)

धार्मिक मतानुसार महालक्ष्मी यंत्र (Mahalaxmi Yantra) को दीपावली के दिन स्थापित करने से अत्याधिक फल प्राप्त होता है। इसे चांदी, सोने या तांबे की प्लेट पर बनवाकर योग्य पंडित या गृहिणी द्वारा स्थापित कराना चाहिए। इस यंत्र (Mahalaxmi Yantra) को स्थापित करने के बाद इसके समक्ष प्रतिदिन धूप-बत्ती दिखाकर "ॐ महालक्ष्मयै नम:" मंत्र की ग्यारह माला का जाप करना चाहिए। यंत्र को स्थायी रूप से अपने अथवा कार्य अथवा पूजा स्थल में स्थापित करना चाहिए।

महालक्ष्मी यंत्र के लिए मंत्र (Mantra for Mahalaxmi Yantra)

महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना व पूजन करते समय "ॐ ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं, ह्रीं ह्रीं फट्" मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।

महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना व प्रभाव (Installation & Effects of Mahalaxmi Yantra)

महालक्ष्मी यंत्र की स्थापना किसी भी शुभ दिन की जा सकती है, किन्तु अद्भुत व अत्यधिक फल प्राप्ति के लिए कार्तिक अमावस्या के दिन शुद्धिपूर्वक व विशेष पूजन विधि द्वारा स्थापित किया जाता है। इस यंत्र की स्थापना करने से पहले किसी अच्छे पंडित या ज्योतिष से सलाह जरूर लें।

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