जन्माष्टमी के उपाय व तरीके
पारंपरिक घरेलू उपाय (Indian Traditional Upay )

जन्माष्टमी के उपाय व तरीके

janmashtami ke upay va tarike

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जन्माष्टमी का ऐसा व्रत है जो सबसे लम्बा होता है, लेकिन लम्बा भी इसलिए होता है कृष्ण भगवान का जन्म ही 12 बजे हुआ था। इस लेख में हम आपको जन्माष्टमी के उपाय बता रहे हैं। ये उपाय न सिर्फ व्रत में क्या करें के बारे में बताएंगे बल्कि इस व्रत को रखने से क्या फायदे हो सकते हैं वो भी बताएं गए हैं। तो चलिए इस लेख में आपको बताते हैं -

1. जन्मोत्सव के समय भगवान कृष्ण का गीत गाएं, ऐसे वो आपका मनोवांछित फल देंगे।

2. अगर बहुत संकट में रहते हैं तो इस महामंत्र का जाप करें। इस मंत्र से आपको जल्द ही कष्टों से मुक्ति मिलेगी। हे माधव, हे मधुसूदन, हे चक्रधर , हे नृसिंह भगवान मेरी रक्षा करें।


3. संतान प्राप्ति के लिए आप इस दिन संतानगोपाल मंत्र का पाठ कर सकते हैं। इससे आपको बेहद लाभ प्राप्त होंगे।

4. जो लोग रोग से पीड़ित रहते हैं वो आज के दिन भगवान कृष्ण की श्रद्धा व नियम के साथ पूजा करें। साथ ही लोगों में प्रसाद बांटें। मन से और धूमधाम से श्री कृष्ण की सजावट करने से और श्री कृष्ण का कीर्तन करने से रोगों से मुक्ति मिलती है।

5. जो युवा प्रेम में हैं या शादी करने में रुकावटें पैदा हो रही है। वो जन्माष्टमी के दिन निर्जल व्रत रखकर रात में 12 बजे श्री कृष्ण के जन्म के बाद, पूजा करने के बाद जल ग्रहण करें और कृष जी का प्रसाद खाएं।

6. जिनकी संतान पढ़ाई में कमज़ोर है। वो श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें, इससे ज़रूर लाभ मिलेगा। 

7. जन्माष्टमी के दिन दान करने से बेहद मिलते हैं। इस दिन भंडारा कराने से घर में सुख सुख समृद्धि आती है।