आमदनी बढ़ाने के उपाय
ज्योतिषीय उपाय

आमदनी बढ़ाने के उपाय

Aamdani Badhane Ke Upay

Sunil Bhatt

आमदनी (इनकम) बढ़ाने के आसान उपाय:

कई बार ऐसा होता है कि भरपूर मेहनत करने के बाद भी पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती है या फिर आय का कोई निश्चित व नियमित स्त्रोत नहीं मिल पाता है। ज्योतिष शास्त्र में कई ऐसे साधारण उपाय बताए गए हैं जिन्हें यदि विधि-विधान पूर्वक किए जाएं तो इनकम का स्त्रोत स्थाई हो जाएगा, साथ ही उसमें बढ़ोत्तरी भी होगी।

आइए जानते है कुछ ऐसे ही उपाय:

उपाय-1:

जब भी आप बैंक में पैसा जमा कराने या निकालने जाएं तो मन ही मन मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप करते रहें। यदि लक्ष्मी मंत्र याद न हो तो विष्णु मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। ऐसा करने से लेन-देन में आपको लाभ होगा, साथ ही बैंक में जमा राशि में भी बरकत होगी। नीचे कुछ मंत्र दिए गए हैं। इनमें से किसी भी मंत्र का जाप आप कर सकते हैं।

मंत्र: 1. ऊं महालक्ष्म्यै नम: 2. ऊं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम: 3. ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम: 4. ऊं विष्णवे नम: 5. ऊं नमो नारायण:

उपाय-2:

शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को यथाशक्ति (जितना संभव हो) चावल भगवान शिव के मंदिर ले जाएं। अब अपने दोनों हाथों में जितने चावल आ जाएं उतने शिवजी को अर्पण कर दें और भगवान शिव से धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। जितने चावल के दानें शिवजी को अर्पण किए जाते हैं, उसका उतने ही हजार गुना फल मिलता है। अब बचा हुआ चावल गरीबों में बांट दें। यह इनकम बढ़ाने का अचूक उपाय है।

उपाय-3:

हर शुक्रवार को तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं व नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें। इस उपाय से आपके बैंक अकाउंट में धन सदैव बढ़ता रहेगा। यदि आप किसी ऑफिस में काम करते हैं या आपकी कोई दुकान है तो आप अपने वर्क टेबल पर मोती शंख भी रखें। यह उपाय करने से निश्चित ही आपका बैंक बैलेंस बढ़ने लगेगा।

मंत्र- ऊं श्रीं श्रीं श्रीं

उपाय-4:

जब किसी महीने के कृष्ण पक्ष में भरणी नक्षत्र आए तो उस दिन पानी से भरे हुए चार कलश लेकर किसी सुनसान जगह पर जाएं और वहां उन कलशों को रखकर चुपचाप चले आएं। फिर दूसरे दिन जाकर जो कलश खाली मिले, उसे घर ले आएं। शेष को वहीं छोड़ दें। खाली कलश को घर के एकांत कोने में रखकर रोज उसकी पूजा करें तो उस व्यक्ति पर लक्ष्मी प्रसन्न होकर उसी के घर में निवास करती हैं।

उपाय-5:

धन प्राप्ति के उपायों में कई वस्तुओं का उपयोग भी किया जाता है, जो माता लक्ष्मी को प्रिय हैं। ऐसी ही एक वस्तु है समुद्र से निकलने वाली कौड़ियां। दिखने में यह बहुत साधारण होती है लेकिन इसका प्रभाव बहुत अधिक होता है। इसके उपायों से इनकम बढ़ने लगती है-

1. चांदी के सिक्कों के साथ यदि कौड़ियां धन स्थान पर रखी जाएं तो निश्चित ही धन लाभ होता है।

2. कौड़ियों को केसर या हल्दी से रंग कर पीले कपड़े में बांध कर तिजोरी में रखने से लाभ होता है।

3. गल्ले में, तिजोरी में या आलमारी में जहां पैसे रखते हैं वहां कौड़ियां रखने से अचानक धन लाभ होता है।

उपाय-6:

किसी गुरुवार को एक पीले रंग का रूमाल या कपड़ा लेकर किसी ऐसे मंदिर जाएं, जहां तुलसी का पौधा लगा हो। अब उस तुलसी के पौधे के आस-पास जो घास उगी हो, उसे तोड़कर पीले कपड़े या रूमाल में रखकर वापस घर ले आएं। इसको व्यापार स्थल तथा घर में रख दें। कुछ ही दिनों में व्यापार में वृद्धि तथा धन की बरकत दिखाई देने लगेगी।

कुंडली के ये योग बताते है की आपको होगा धन लाभ:

ज्योतिष के अनुसार कुंडली से किसी भी व्यक्ति के जीवन से जुड़ी सभी बातें मालूम हो सकती हैं।यहां जानते हैं कुंडली के कुछ ऐसे योग, जिनकी वजह से व्यक्ति को धन लाभ हो सकता है। ये हैं कुंडली के धन से जुड़े योग…

1.लग्न भाव का स्वामी द्वितीय भाव में हो और द्वितीय भाव का स्वामी ग्याहरवें भाव में हो तो अचानक धन लाभ हो सकता है।

2. कुंडली में चंद्रमा से तीसरे, छठे, दसवें या ग्यारहवें भाव में शुभ ग्रह होंगे तो ये शुभ योग होता है।

3. कुंडली के पंचम भाव में चंद्र एवं मंगल दोनों हों और पंचम भाव पर शुक्र की दृष्टि हो तो ये धनदायक योग है।

4. चंद्र और मंगल एक साथ हों, धन भाव (दूसरा भाव) और लाभ भाव (ग्याहरवां भाव) के कारक ग्रह एक साथ चतुर्थ भाव में हों तथा चतुर्थ भाव का स्वामी शुभ हो तो धन लाभ होता है।

5. कुंडली के द्वितीय भाव में मंगल तथा गुरु की युति हो तो शुभ योग है।

6. धन भाव (दूसरा भाव) का स्वामी अष्टम भाव में तथा अष्टम भाव का स्वामी धन भाव में हो तो धन लाभ होता है।

7. कुंडली के पंचम भाव में बुध हो तथा लाभ भाव (दूसरा भाव) में चंद्र-मंगल की युति हो।

8. गुरु नवम भाव का स्वामी होकर अष्टम भाव में हो तो शुभ रहता है।

9. वृश्चिक लग्न कुंडली में नवम भाव में चंद्र और बृहस्पति की युति हो तो धन लाभ होता है।

10. मीन लग्न कुंडली में पंचम भाव में गुरु-चंद्र की युति होती है तो अचानक धन लाभ हो सकता है।

11. कुंभ लग्न कुंडली में गुरु और राहु की युति लाभ भाव (दूसरा भाव) में होती है तो शुभ रहता है।

12. चंद्र, मंगल, शुक्र ये तीनों ग्रह दूसरे भाव में होंगे तो लाभ हो सकता है।

13. कन्या लग्न कुंडली के दूसरे भाव में शुक्र व केतु होते हैं तो लाभ के योग बनते हैं।

14. तुला लग्न कुंडली के लग्न भाव में सूर्य-चंद्र तथा नवम भाव में राहु हो तो श्रेष्ठ रहता है।

15. मीन लग्न कुंडली में ग्यारहवें भाव में मंगल हो तो लाभ होता है