त्रिकोण - हस्त रेखाTrikon - Hast Rekha

हथेली में त्रिकोण का होना और इसका महत्व: त्रिकोण या त्रिभुज , ज्यामिति शास्त्र की ऐसी रचना है जिसका महत्व सिर्फ गणित में ही नहीं अपितु अध्यात्म व ज्योतिष के क्षेत्र में भी उतना ही प्रचलित है। अधिकांश ज्योतिषीय यंत्रों की रचना त्रिभुज के आधार पर ही की जाती है क्योंकि त्रिभुज या त्रिकोण अपने आप में पूर्ण है और समस्त शक्तियां इसमें निहित हैं। हस्त रेखा शास्त्र में भी त्रिभुज को बहुत महत्व दिया जाता है,जो अपने में रहस्य व रोमांच समेटे हुए है हथेली में त्रिभुज सफलता की निशानी माना जाता है । स्वयं मेरा अनुभव रहा है कि जब भी हथेली के बीच में त्रिभुज या कोई भी त्रिकोड़ात्मक आकृति दिखाई दे तो ये आर्थिक सम्पन्नता व जायदाद ( property) का सूचक है। साथ ही व्यक्ति को संकट से भी बचाता है। हथेली में ये चिन्ह जहां भी पाया जाता है , वहां की शक्ति बढ़ जाती है। जैसे कि... "सूर्य "पर्वत पर स्थित त्रिभुज कला के क्षेत्र में जातक को धीरे धीरे उच्च सफलता दिलाता है।ऐसे जातक गंभीर स्वभाव के होते हैं । " चन्द्रमा" के क्षेत्र पर स्थित त्रिभुज ये दर्शाता है कि व्यक्ति की विचार शक्ति काफी प्रबल है और वो जो कुछ भी सोचता है उसका कोई न कोई आधार जरूर होता है। त्रिकोण अगर "मंगल" के क्षेत्र पर पाया जाये तो जातक के जीवन में संघर्ष की स्थिति कम ही आती है और किसी कारणवश मुश्किल आ भी जाए तो ऐसे लोग अपनी चतुराई व बहादुरी से परस्थिति का सामना करते हैं । त्रिभुज की "शनि"पर स्थिति बड़ी रोचकता लिये हुए होती है क्योंकि ऐसे जातक अवश्य किसी न किसी रहस्यात्मक व गूढ़ विद्या के जानकार होते हैं। अर्थात बड़े बड़े ज्योतिषाचार्यों, तांत्रिकों आदि के हाथ में शनि के क्षेत्र पर त्रिभुजाकार आकृति अवश्य ही पायी जाती है। ऐसे लोग अपनी चमत्कारी विधाओं किसी का भी ध्यान अपनी और खींच लेते हैं । आइये अब बात करते हैं "गुरु" (Jupiter) क्षेत्र पर स्थित त्रिभुज की... "गुरु" पर्वत पर स्थित त्रिभुज व्यक्ति की बौद्धिक व प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है। ऐसे लोग किसी भी संस्था की प्रबन्ध व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में निपुण होते हैं।अर्थात manager आदि के पद पर आसीन लोगों के हाथ में Jupiter पर त्रिभुज का चिन्ह अवश्य पाया जाता है। अब बात करते हैं "बुध " पर्वत पर स्थित त्रिभुज की.. "बुध "पर्वत पर ये त्रिभुज, आर्थिक सम्पन्नता दर्शाता है, मतलब ऐसे जातक, अपनी सूझ बूझ से व्यापार को बढ़ाते हैं । और अब आते हैं " शुक्र" पर्वत पर त्रिभुज की ओर, जिसका सीधा सा अर्थ है प्रेम, प्यार, भोग विलास, आमोद, प्रमोद व जीवन में भरपूर प्यार। त्रिभुज की आकृति अगर पति व पत्नी दोनों के ही हाथ में हो तो वैवाहिक जीवन सुखद होता है। "शुक्र" पर त्रिभुज प्रेम व प्रेमी दोनों के लिए ही अच्छा होता है यानी कि इस क्षेत्र पर त्रिभुज प्रेम में सफलता दिखता है। मेरे कहने का अभिप्राय ये है कि त्रिकोण हाथ में जहां भी होगा वहां की शुभता को बढ़ा देता है और व्यक्ति को संकट से बचाता है। की उपस्तिथि हाथ में हमेशा सफलता की सूचक है और अगर आपकी हथेली में बीचों बीच कोई त्रिकोण का चिन्ह जो कि कई रेखाओं से मिलकर बन रहा हो तो ये जमीन जायदाद का सूचक होता है यानी कि ऐसे जातक अपने जीवन काल में भवन निर्माण अवश्य करवाते हैं। अगर आप भी उन भाग्यशाली जातकों में शामिल हैं जिनके हाथ में त्रिभुज का चिन्ह है तो यकीनन आप एक् सफल व सुखी व्यक्ति हैं और आप पर ईश्वर की कृपा है।
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