सोम महाग्रह मंत्र - Som Graha Mantra
नवग्रह मंत्र

सोम महाग्रह मंत्र - Som Graha Mantra

Team Raftaar

चन्द्रमा का स्वरूप:चन्द्रमा गौर वर्ण, श्वेत वस्त्र और श्वेत अश्वयुक्त हैं तथा उनके आभूषण भी श्वेत वर्ण के हैं। चन्द्रमा की प्रतिमा इसी तरह की होनी चाहिए।

विशेष- श्वेत चावलों की वेदी के दक्षिण-पूर्व कोण पर चन्द्र देव की स्थापना करनी चाहिए। पार्वती जी को चन्द्रमा का अधिदेव माना जाता है। चन्द्रमा को घी और दूध से बने पदार्थों का नैवेद्य अर्पित करना चाहिए।

चन्द्रमा का मंत्र (Chandra Mantra in Hindi): ऊं नमो अर्हते भगवते श्रीमते चंद्रप्रभु तीर्थंकराय विजय यक्ष |

ज्‍वालामालिनी यक्षी सहिताय ऊं आं क्रों ह्रीं ह्र: सोम महाग्रह |

मम दुष्‍टग्रह, रोग कष्‍ट निवारणं सर्व शान्तिं च कुरू कुरू हूं फट् || 11000 जाप्‍य ||

मध्‍यम यंत्र- ऊं ह्रीं क्रौं श्रीं क्‍लीं चंद्रग्रहारिष्‍ट-निवारक श्री चंद्रप्रभु-जिनेन्‍द्राय नम: शान्तिं कुरू कुरू स्‍वाहा || 11000 जाप्‍य ||

लघु मंत्र - ऊं ह्रीं णमो अरिहंताणं || 10000 जाप्‍य ||

तान्त्रिक मंत्र - ऊं श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नम: || 11000 जाप्‍य ||