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Shani Sadesati Effects On Rashi

शनि साढ़ेसाती का राशियों पर प्रभावShani Sadesati Effects for Rashi

Shani Sadesati Effects for Rashi

शनि का प्रभाव प्रत्येक राशि के लिए भिन्न-भिन्न होता है जिसका आंकलन कुंडली देखकर किया जाता है। किसी राशि के लिए साढ़ेसाती का समय अत्यंत कष्टकारी तो किसी के लिए अत्यंत शुभ भी हो सकता है। ज्योतिषानुसार प्रत्येक राशि के लिए साढ़ेसाती के दौरान किए जाने वाले उपाय भी अलग-अलग होते हैं। मान्यता है कि शनि की साढ़ेसाती तीन चरणों में बंटी होती है और राशिनुसार सबको उनके कर्मों का फल मिलता है।
शनि साढ़ेसाती और राशियों पर उनके प्रभाव निम्न हैं:
मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए मध्य के ढाई वर्ष नष्ट फल कारक होते हैं।
वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए शुरु के ढाई वर्ष अशुभ होते हैं।
मिथुन राशि: मिथुन राशि को अंत के ढाई वर्ष अशुभ होते हैं।
कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों को मध्य के ढाई वर्ष अशुभ होते हैं।
सिंह राशि: सिंह राशिवालों के लिए शुरु के पांच साल उसमें भी मध्य के ढाई वर्ष विशेष अशुभ होते हैं।
कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए शुरु के पांच साल उसमें भी मध्य के ढाई वर्ष विशेष अशुभ होते हैं।
तुला राशि: तुला राशि के जातकों को आखिर के ढाई वर्ष विशेष अशुभ होते है।
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए अंत के पांच साल उसमें भी पहले यानि मध्य के ढाई वर्ष विशेष अशुभ होते हैं।
धनु राशि: धनु राशि के लिए शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या शुरु के ढाई वर्ष शुभ होते हैं।
मकर राशि: मकर राशि के लिए साढ़ेसाती या ढैय्या शुभ मानी जाती है। इनके लिए पहले के पांच वर्ष उसमें से भी पहले के ढाई वर्ष का समय विशेष फलकारक होता हैं।
कुंभ राशि: मान्यता है कि कुंभ राशि के जातकों के लिए साढ़ेसाती या ढैय्या के शुरु और अंत के ढाई वर्ष विशेष अशुभ साबित होते हैं।
मीन राशि: मीन राशि वालों को पूर्ण साढ़ेसाती शुभ फल देने वाली होती है। उसमें से भी अंत के ढाई वर्ष का समय विशेष फलदायक होता है।
शनि शांति यंत्र के विषय में जानने के लिए क्लिक करें: SHANI SHANTI YANTRA

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