Go To Top
Raftaar HomeRaftaar Home
Menu
Search
Menu
close button
Saraswati Yantra Mantra

सरस्वती यंत्रSaraswati Yantra- Facts in Hindi

Feng Shui tips

कलियुग में धन सबसे अहम है, लेकिन धन से भी अहम है ‘शिक्षा’। वैदिक शास्त्र माता सरस्वती को विद्या की देवी माना जाता है। सरस्वती जी की कृपा पाने वाले जातक के जीवन में कभी अंधकार नहीं होता। सरस्वती जी की साधना का आसान तरीका सरस्वती यंत्र (Saraswati Yantra in Hindi) की पूजा है।

सरस्वती यंत्र का उपयोग (How to Use Saraswati Yantra)
सरस्वती यंत्र की खासियत यह है कि इसे अपने हाथों से बनाना शुभ होता है। अनार की कलम या अष्टगंध की स्याही से भोजपत्र पर यह यंत्र बना इसकी स्वयं पूजा करने से सर्वाधिक लाभ मिलता है। इस यंत्र (Saraswati Yantra in Hindi) को वसंत पंचमी के दिन स्थापित किया जाता है। सरस्वती यंत्र की स्थापना करते समयसरस्वती चालीसा (Saraswati Chalisa in Hindi)व "ऊं ग्रां ग्रीं ग्रों स: गुरूवे: नम:” मंत्र का जाप करना चाहिए।  

सरस्वती यंत्र की स्थापना व प्रभाव (Installation & Effects of Saraswati Yantra)
सरस्वती देवी मंत्र की स्थापना व पूजन करने से एकाग्रता व बौद्धिक विकास होता है, जिससे मनुष्य सफलता प्राप्त करता है। इस यंत्र की स्थापना शुद्धिपूर्वक, विशेष पूजन-विधि द्वारा की जाती है। इस यंत्र की सिद्धि के लिए ज्योतिष मार्ग दर्शन बहुत जरूरी है।

नोट: मान्यता है कि इस यंत्र का प्रभाव 4 वर्ष 4 माह तक ही रहता है इसलिए निश्चित समय अंतराल पर इसे बदलते रहें। यंत्र की सिद्धि के लिए योग्य पंडित की सलाह अवश्य लें.

Raftaar.in