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नरक चतुर्दशी पूजा विधिNarak Chaturdashi Pooja Vidhi in Hindi

Narak Chaturdashi Pooja Vidhi in Hindi

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को "नरक चतुर्दशी" (इस वर्ष 2 नवंबर 2013) कहा जाता है। कुछ जगहों पर इसे "रूप चतुर्दशी" और "छोटी दीपावली" के नाम से भी जाना जाता है।
पूजा विधि (Narak Chaturdashi in Hindi): भविष्य पुराण के अनुसार इस दिन प्रभात के समय नरक के भय को दूर करने के लिए स्नान अवश्य करना चाहिए। इसके बाद देवताओं का पूजन करके दीपदान करना चाहिए। स्नान के दौरान अपामार्ग (चिचड़ा) के पत्ते को सिर के ऊपर निम्न मंत्र पढ़ते हुए घुमाना चाहिए।
हर पापमपामार्ग भ्राम्यमाणं पुन: पुन:।
आपदं किल्बिषं चापि ममापहर सवर्श:। अपामार्ग नमस्तेस्तु शरीरं मम शोधय॥
स्नान मुहूर्त: स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 05 मिनट से लेकर 06 बजकर 37 मिनट तक का है।

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